Rules

दसा श्रीमाली वेकलफेयर सोसायटी फाउण्डेशन

नियमावली

1              यह निधि ’’दसा श्रीमाली वेलफेयर सोसायटी – फाउण्डेशन’’ नाम से जानी जायेगी ।

2              इसका मुख्यालय खरगोन रहेगा तथा कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण मध्य प्रदेश रहेगा ।

3              इस निधि में धन अंश राशि  जमा करने वाले सदस्य के सम्मान हेतु उन्हें ’’ श्रीमाली शिरोमणि ’’            उपाधि प्रदत्त होगी ।  उन्हें एक विशिष्ट प्रतीक चिन्ह प्रदत्त होगा तथा हर गतिविधि में उनका          सम्मान रखने हेतु उन्हें आमंत्रण और मंच पर आसीन किया जावेगा । यह उनका अधिकार होगा

यह निधि प्रारम्भ में केवल 21 सदस्यों से प्राप्त अंश राशि 11,000/- से प्रारम्भ किया जाना सुनिश्चित किया गया हैं जो अंश राशि दाता सदस्य की स्वेच्छा से जमा किया जाएगा और किसी भी प्रकार का ब्याज आदि प्रदत्त नहीं होगा ।

इस धनराशि से एकत्रित होने वाली अंश राशि से एक ठोस निधि का निर्माण सम्भव हो पाएगा जिसमें से विभिन्न मण्डलों या स्थानांे पर निवासरत समाजजन मण्डल हेतु धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी जिससे वे उस स्थान पर समाज के नाम से एक स्थायी संरचना का यथा –  धर्मशाला, प्याउ, पेसेंजर शेड, का निर्माण कर उस स्थान पर ’दसा श्रीमाली समाज’ का नाम अंकित करवा सकेंगे जोे हमारी एक विशिष्ट पहचान तथा अन्य समाज के समक्ष उदाहरण तथा हमारी सेवा भावना को व्यक्त करेंगी ।  धनराशि उपलब्ध कराने के लिए जमापँूजी से राशि प्रदत्त की जाएगी ।  यहां यह उल्लेखित किया जाना तथा समझाया जाना उचित होगा कि जिस स्थान पर कोई भी संरचना बनाई जाएगी वह समाज – जन मण्डल  और फाउण्डेशन के संयुक्त नाम से रहेगी व उस पर नाम अंकित किया जावेगा ।  यदि हम उदाहरण के तौर पर देखे तो 11000 ग 21 त्र 2ए31ए000 की धन राशि समाज के खाते में जमा होती है इस तरह यदि यह धनराशि बैंक खातें में जमा की तो स्वयमेव ही वृद्धि करती रहेगी और आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए लागत के 30 प्रतिशत के मान से धनराशि उपलब्ध करवाई जा सकगी,े आसान होगा ।  30 प्रतिशत के अतिरिक्त आवश्यक धनराशि जो 70 प्रतिशत शेष रहती है  समाज जन से स्थानीय स्तर पर एकित्रत की जाना होगा और इस तरह फाउण्डेशन और समाजजन से प्राप्त राशि पूरी लागत मूल्य को पूरा करेगी  ।  साथ ही समाज – जन की सहभागिता से एक अच्छी संरचना सार्वजनिक रूप से स्थानीय जन – जन को प्राप्त हो सकेगी ।  यदि कोई किसी स्थान पर बगीचे की जमीन उपलब्ध है और उसका विकास अवरूद्ध हो और उसमें बालक – बालिकाओं के लिए खेल – कूद के सारे सामान तथा बैठक के लिए बैंचेस आदि की व्यवस्था, फूलदार, पौधारोपण से बगीचे का विकास सम्भव होगा किया जा सकेगा और यहा पर भी समाज का नाम अंकित किया जा सकेगा ताकि हमारी एक विशिष्ट पहचान बन सके ।

सहयोग राशि प्राप्त करने की प्रक्रिया

फाउण्डेशन से 30 प्रतिशत राशि प्राप्ति के लिए आवेदन कर्ता मण्डल को निम्न पूर्ति की जाना होगी

1)            निर्धारित आवेदन पत्र पूरी तरह भरा जाकर अग्रेषित करना उसके साथ निम्न दस्तावेज संलग्न  किया जाना आवश्यक होगा:-

क)   प्रोजेक्ट का नाम

ख)   क्या इस हेतु स्थानीय प्रशासन से योग्य अनुमति प्राप्त कर ली है, यदि होॅ तो प्रतिलिपि

ग)   क्या आवश्यक धनराशि, जो मण्डल को संग्रहण करना हैं, की जा चुकी ह,ै हेतु बैंक प्रुफ

घ)   विगत वर्षों – 3 वर्ष की आॅडिट रिपोर्ट

फाउण्डेशन में यदि आवश्यक हुआ तो सदस्य संख्या जो वर्तमान में 21 रखी गई है का पुनरावलोकन कर और आगे सदस्य संख्या जो इस फाउण्डेशन को स्वेच्छिक रूप से सहभागिता कर धनराशि प्रदत्त करना चाहते हो को सदस्य बनाये जाने हेतु बढ़ाई जा सकती है ।  यहा यह भी उल्लेखित किया जाना आवश्यक है कि इस प्रकार की प्रदत्त धनराशि पर किसी भी प्रकार का ब्याज आदि नहीं दिया जावेगा  ।

दसा श्रीमाली वेलफेयर सोसायटी – फाउण्डेशन की कार्यकारिणी की बैठक त्रैमासिक आयोजित की जावेगी तथा प्राप्त आवेदनों पर योग्य विचार विमर्श, आवश्यक कागजों की पूर्ति का आंकलन कर योग्य पाए जाने वाले आवेदन को निश्चित राशि स्वीेकृत की जावेगी तथा इस राशि का सम्पूर्ण ब्यौरा खर्च बाबद कार्य समाप्ति पर फाउण्डेशन को प्रस्तुत करना होगा तथा सम्पूर्ण राशि का उपयोग बताऐ गए तथा उसी मद में जिस हेतु राशि का आबंटन किया गया है खर्च किया गया हैं बाबद प्रमाणीकरण प्रस्तुत करना होगा। इसकी भी आॅडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की जाना अनिवार्य होगा। आावश्यक कागजांे एवं जानकारी की यदि पूर्णता करने में कोई मण्डल असमर्थ होता है ऐसी दशा में प्रदत्त सम्पूर्ण राशि सम्बन्धित मण्डल से वापस भुगतान करने हेतु निर्देश जारी किए जा सकते हैं ।  पूर्ण किए गए कार्यो के फोटोग्राफ भी भेजा जाना अनिवार्य होगा ।